करेले खाने के फायदे

 

करेले खाने के फायदे

  • करेले को प्राकृतिक रूप में ही खाना चाहिए इसमें किसी प्रकार की अन्य चीजों को नहीं मिलाना चाहिए।
  • अगर आपको करेले के गुणों का फायदा उठाना है तो इसे किसी और चीज़ के साथ मिला कर न खाए।
  • करेले को नमक लगा कर, धो – कर खाने से इसके गुण ख़त्म हो जाते हैं।
  • करेला डायबिटीज के रोगियों को बहुत फायदा पहुंचता हैं।
  • करेला दाँत, हड्डियां, खून, दिमाग और अन्य शरीर के अंगों को लाभ देता हैं क्युंकि करेले में फास्फोरस काफी मात्रा में पाया जाता हैं।
  • करेला आपको खांसी, कफ, गले में खराश जैसी कई बिमारियों से आराम दिलाता हैं। बस करेले को तेल या घी के बिना बनाए और स्वादानुसार नमक और पिसी हुई काली मिर्च के साथ बनाए।
  • करेले का जूस शरीर में अधिक ऊर्जा पैदा करता है और रोगों को दूर भागता हैं।
  • करेले का जूस खाली पेट पीने से आपको अधिक लाभ प्राप्त होता हैं क्यूंकि खाली पेट इसे अच्छी तरीके से सोख्ता हैं।

 

  • करेले से घरेलु उपचार:-
  • रक्तशोधक = करेले के जूस को थोड़े से पानी के साथ मिलाकर कुछ दिन सेवन करने से शरीर का दूषित रक्त साफ़ हो जाता हैं। ऐसे सेवन करने से शरीर की पाचनशक्ति भी बढ़ती है।
  • चर्म रोग;- करेले की सब्ज़ी नियमित रूप से खाए। करेले के जूस को चौथाई कप और इतना ही पानी मिलकर रोजाना दो बार पिएँ तथा करेले के जूस में 10 बूँद लहसन का जूस तथा चार चम्मच सरसों का तेल मिलकर मालिश करें। करेले के जूस इसी प्रकार सेवन करने से भी घमौरियाँ, फुन्सियाँ आदि से छुटकारा प्राप्त होता हैं।
  • एसिडिटी:- आधा कप करेले के जूस को चौथाई कप पानी में चम्मच पिसा हुआ आंवला पाउडर मिलाकर रोजाना दो से तीन बार पीने से एसिडिटी से छुटकारा मिल सकता है।
  • मुँह में छाले:- आधा गिलास करेले के जूस में थोड़ा सा फिटकरी मिलकर रोजाना दो से तीन बार कुल्ला करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं। या फिर एक गिलास करेले के जूस में थोड़ा सा चीनी डालकर पियें।
  • जोड़ों में दर्द:- करेले के जूस से मालिश करें। करेले की चटनी पीसकर गठिया के सूजन पर लेप करें।
  • पैरों में जलन:- करेले के पत्तें का जूस बना ले फिर उससे पैरों में मालिश करें। आराम मिलेगा।
  • मोटापा:- आधा कप करेले का रस, आधा कप पानी मिलाकर उसमे एक पूरा निम्बू निचोड़ले और सुबह – सुबह खाली पेट पीने से मोटापा काम होता है।
  • सूजन:- आधा कप करेले का रस, चौथाई चम्मच पीसी हुई सोंठ, थोड़ा – सा पानी मिलाकर रोजाना दो बार पिने से सूजन ख़त्म हो जाती हैं।
  • कब्ज़:- करेले के जूस के 10 बूँद को चार चम्मच पानी में मिलाकर प्रतिदिन चार बार पीने कब्ज़ दूर होता हैं।
  • लिवर की समस्या:- एक से दो चम्मच करेले का जूस बच्चों को प्रतिदिन पीने से लिवर ठीक रहता है और पेट की बीमारिया भी बच्चों से दूर रेती हैं।
  • पथरी:- दो करेले के रास को एक कप छांछ में मिलाकर रोजाना पीने से पथरी ठीक हो जाती है परन्तु इसका सेवन तब तक करें जब तक पथरी निकल न जाए।
  • अस्थमा:- अस्थमा एक बहुत दर्दीय रोग हैं जो शरीर को बहुत नुकसान भी पहुंचता हैं। इसलिए अस्थमा के रोगियों को करेले की सब्जिया अपने प्रतिदिन के आहार में शामिल करना चाहिए।
  • पाइल्स:- प्रतिदिन 5 से 8 ग्राम करेले का जूस में थोड़ी सी चीनी मिलाए और उसका सेवन करें।
  • प्लीहा:- एक गिलास प्रतिदिन करेले का जूस पीने से प्लीहा की समस्या से छुटकारा मिल सकता हैं।
  • करेले का जूस बनाने की विधि:-
  • करेले का जूस बनाने के लिए ताज़े और हरे करेले का उपयोग करें।
  • करेले के सभी बीज निकललें फिर करेले को जूसर में डालकर जूस बना लें।
  • करेले का जूस छानने के लिए हमेशा बड़े छेद वाले छलनी का उपयोग करें।
  • करेले के जूस में स्वादानुसार सेंधा नमक, निम्बू और काली मिर्च भी डाल सकते हैं।
  • करेले के साथ सावधानिया:-
  • करेले को काम मात्रा में खाया जाता हैं। करेला शरीर को गर्म करता हैं और ज़्यादा गर्मी शरीर को नुकसान करती हैं।
  • शरीर की क्षमता अनुसार ही करेले को खाना चाहिए। पहली बार में थोड़ा – थोड़ा सा ही करेला लेना चाहिए।
  • ज़्यादा मात्रा में करेले के सेवन से शरीर में समस्याए भी हो सकती हैं।
  • ज़्यादा गर्मी में करेले की मात्रा बहुत काम कर दे।
  • गर्भवती व दूध पिलाने वाली महिलाए करेले के सेवन से दूर रहे।
  • करेला और विज्ञानं:-
  • करेला का रासायनि संघटक = करेले के बीच में 32% विरेचक तेल मिलता है। करेले में गंध युक्त उड़नशील तेल, मोमरीडीसाइन, क्षाराभ, सेपोनिन, केरोटीन एवं ग्लूकोसाइड पाया जाता हैं।

 

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