गिलोय के फायदे

गिलोय के फायदे

रोग प्रतिरोग क्षमता बढाने के उपाय

  1. गिलोय – रोग प्रतिरोग क्षमता बढाने के लिए

गिलोय से बढकर इस ब्रम्हाण्ड मे दूसरी कोई और

औषघि नहीं हैं जिनकी इम्मुनिटी बहुत कमजोर होती

हैं वो व्यक्ति बार-बार बीमार होते हैं उसे सदी ,जुकाम,खासी,

गला खराब, एलर्जी, बुखार  बार-बार हो जाती हैं।

2. इम्मुनिटी कमजोर हो उसे गिलोय का सेवन करना

चाहिए ।जो गिलोय का सेवन करेगा वो कभी किसी

बिमारी से नहीं मरेगा।

3.आप गिलोय का जूस ले सकते हैं। या फिर गिलोय

की टेबलेट भी ले सकते है। गिलोय घनवटी आपको

पंतजलि स्टोर पर आसानी से मिल जायेगी

4.आप गिलोय के पत्तों का भी काढा बनाकर पी

सकते हैं। आपको दो गिलास

पानी मे दो-चार पत्ते

गिलोय के तोड़कर पानी मे डालकर उबाल लो पानी

आधा रह जाये। तब उसे छानकर ठंडा होने पर

काढा का सेवन करें।

5. जिन लोगो को जोडो मे दर्द हो या जिन माताओ

बहनों को घुटनों मे दर्द हो उनके लिए तो गिलोय

एक रामबाण औषधि हैं। और उन्हें चन्द्रप्रभावटी व

गिलोय की दो-दो टेबलेट सुबह शाम सेवन करे ।

6. शरीर मे कमजोरी होने पर भी गिलोय का

सेवन कर सकते हैं।

7.  गठिया होने पर भी आप गिलोय का काढा

प्रतिदिन सेवन करने से आपको दर्द मे बहुत

आराम मिलेगा ।

8.शुगर के मरीजों के लिए भी गिलोय

एक रामबाण औषघि हैं। जिन लोगो को शुगर

हो गया हैं। वो लोग प्रतिदिन गिलोय के काढा मे

दो-चार पत्ते नीम के भी डाकर पीयें।

9.गिलोय को एक साल के बच्चे से लेकर 80-90

साल तक के बुजुर्गो तक ले सकते है।

10.आयुर्वेद ने गिलोय को अमतृ माना हैं ।

इसलिए तो कुछ लोग अमृतावटी के नाम से

गिलोय को जानते हैं।

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