Benefits of sesame plant! तिल के पौधे के फायदे !

तिल के पौधे के फायदे !

 

तिल का पौधा औषधी के रूप में काम करता है। तिल का पौधा बहुत ही लाभ कई है।   वैसे तीन तरह के तिल पाए गए है।  लाल , कला और सफ़ेद।  कला तिल और सफ़ेद तिल यह हमारे देश में अधिक पाया जाता है।  तो कला तिल और भी औषधि गणो की तुलना में सफ़ेद तिल से ज्यादा गुण करी है।  यह औषधि के रूप में आप को किसी तिल का उपयोग करना हो तो वह आप काले तिल का प्रयोग कर सकते है और जह तिल के रूप में रूप में प्रयोग करना हो

वह आपको सफ़ेद और लाल तल का प्रयोग करना चाहिए।

दांत रोग में – दस्ते दांत कमजोर है , दांतो व मसूड़ों की किसी प्रकार की समस्या है , उनके लिये तिल का प्रयोग बहुत ही लाभकारी है।  इसके लिये 10 ग्राम काला तिल ले और एक बार में 2 – 4 ग्राम तिल को सुबह खाली पेट चबाये।  जब वह पूरी तरह से पीस जाये तो उसे निगल जाये।  फिर बाकी और निगल जाये।  इससे मसूड़े स्वस्थ होंगे और दांत भी मजबूत होंगे।  यह आप प्रति दिन करते है सेवन तो यह फिर आपके दांतो के लियेही नहीं बल्कि आँखो के लिए भी फायदे मंद है।  तिल कल प्रयोग  करने से भी आखो की रोशनी बड़ती है।  तिल के फूलो को आप प्राह आप सर्दी के मौसम में मिलता है।

आँखो के लिए – आँखो के लिए तिल का प्रयोग रामबाण है।  इससे आँखो की रोशनी बड़ती है।  इसके लिये सर्दी में तिल के फूल पर पड़ने वाली ओस की बूंदों को शीशी में बरके रखे और उसे आँखो में डालें। इससे आँखो की रोशनी बड़ेगी और आँखो से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या में लाभ मिलेगा।

खासी के लिए – जिनको खासी की परेशानी है वे 2 ग्राम काले तिल में 2 – 3 तुलसी की पत्तिय व् थोड़ी अदरक डालकर काढ़ा बनाकर चाय के रूप में सेवन करे।  इससे खासी – कफ – बलगम व् सुखी खासी में आराम मिलेगा।

तिल की चाय में भी उपयोग किया जाता है।  अगर आप चाय में तिल मिलते है तो चाय का रंग और स्वाद भी बहुत अच्छा हो जाएगा।  साथ ही जिन लोगो को भूक काम लगती है उनके लिए के तिल के लाडू बनाकर देना काफी फायदे मंद है।  देखिए इतने सरे फायदे है तिल के तिल के दाने से लेकर फूल तक फायदा देती है।  तिल ज्यादा तर सर्दी में खाने का विधान है।  तिलआप के शरीर में पाए जाने वाले विभिन रोग को भी दूर करते है

मासिक धर्म में – जिन महिलाओ को मासिक धर्म में परेशानी है 5 ग्राम तिल को मोटा मोटा कूटकर काढ़ा बनाकर सुबह शाम पिये।  ऐसा मासिक धर्म के 4 – 5 दिन पहले से शुरू करें।  इससे मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द व् अन्य परेशानियों में आराम मिलेगा।

मूत्र विकार में – जिनको बहुमूत्र की शिकायत है वे 5 ग्राम गोखरू व् 5 ग्राम काले तिल का काढ़ा बनाकर पिए।  इससे पेशाब खुलकर होगा और बार बार पेशाब जाने की समस्या भी दूर होगी।  इसके अतिरिक्त 10 ग्राम काले टिल को देशी घी में भून कर , गुड़ में लड्डू बना लें।  रात को सोते समय एक लडडू खाकर खाकर दूध या पानी को पिए।  इससे बहुमूत्र की शिकायत दूर होगी साथ ही पेशाब संबंधी अन्य परेशानियों में भी आराम मिलेगा।

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