Kosi Mahasetu ready in 17 years

Kosi Mahasetu ready in 17 years

कोसी महासेतु 17 साल बाद बनकर हुआ तैयार।

17 साल के लम्बे इंतज़ार के बाद बनकर तैयार हुआ कोसी नदी पर कोसी महासेतु। कोरोना काल की वजह से सामाजिक दुरी बनाते हुए आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस सेतु का इस उद्धघाटन किया। इस पुल की लागत 516 करोड़ रुपये आई है। इस पुल का शिलान्यास 17 साल पहले यानि 2003 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपई ने किया था। और अब इसका उद्घाटन किया गया है। इसके उद्घाटन पर बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने कहा यूपीए सरकार के दौरान काम रुक गया था, वार्ना कब का हो गया होता पूरा पुल  का निर्माण कार्य।

लोगों को कोसी महासेतु का था बहुत इंतज़ार, क्यूंकि पुल के निर्माण के बाद जो कोसी से मिथिलांचल तक के लिए करीब 300 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था अब वह सफर बिलकुल ख़तम हो गया है और यह दोनों नगर एक दुसरे से मिल गए है। अथवा निर्मली से सरायगढ़ तक का सफर दरभंगा – समस्तीपुर – खगड़िया – मानसी – सहरसा होते हुए 298 किलोमीटर का है जो अब केवल 22 किलोमीटर का रास्ता रह गया हैं, जो रेल से लोगों का समय बचने के लिए एक अच्छा रास्ता बन गया है। कोसी महासेतु की लम्बाई 1.9 किलोमीटर के करीब हैं।

1887 में भी था पुल:-

1887 में निर्मला और सरायगढ़ के बीच में एक रेल रुट था जो 1934 में एक विनाशकारी आपदा के बाद तबाह हो गया था। जिसके बाद कोसी और मिथिलांचल की की दूरी बढ़ गई थी और साथ ही साथ लोगों का इंतज़ार भी जो आज जाकर ख़तम हो गया हैं।

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