नवरात्री में माता को कैसे खुश रखना है ! महत्वपूण बाते

नवरात्री में माता को कैसे खुश रखना है ! महत्वपूण बाते

 

नवरात्र का पवन पर्व , महाशक्ति माँ को मानाने का पर्व आ रहा है।  हमारे जो पांच ज्ञान इंदरिया है , पांच प्रम इंदरिया है और एक मन  है इन  11 को जो भी संचालित करती है  वो ही महा शक्ति है। इस महाशक्ति है का महा त्योहार है जो जिव आत्मा ,प्रम आत्मा , में सर्वयापी है।  इनकी श्रद्धा भाव के आराधना करने मात्र से चोरो पुरुषार्थ , धर्मादार और मोकष की प्राप्ति होती है।  और इन नवरात्र में प्रम महा शक्ति की उपासना करके स्वयं को और अपने

परिवार को धेहिक , धेनिक और भौतिक ताकतों से मुक्ति दिला सकते है।  संसार में सबसे सरल उपासना या तो माता शक्ति की है या तो भोलेनाथ की है क्युकी माता कभी नाराज नहीं होती और भोलेनाथ कभी अपने भक्तो की गलती पर धियान नहीं देते।  नवरात्री में माँ शक्ति की आराध्ना कैसे करना है इसका सरल उपाए है। दो बातो का धियान रखाना है। शक्ति यानि किसी भी देवता की आराधना के लिए आप को शधा और विश्वाश होना अधिक आवश्यक है।  आपको विश्वाश है मगर शधा नहीं है तो उसकी पूजा से कोई लाभ नहीं होगा।  शधा है किन्तु विश्वाश नहीं है तो उस पूजा से कोई लाभ नहीं होगा। अगर दोनों है और साथ में संर्पण  भी है तो उसको प्रम आनद की प्राप्ति जरूर होगी।  और मातारानी की किरपा आप पर जरूर बानी रहेगी।  नवरात्र  में आप को प्रति दिन सुभे स्नान अदि करके माँ दुर्गा के आगे आप को श्री गणेश की मूर्ति स्थापित्त करनी है साथ में कलश स्थापन भी करना चाहिए।  कलश आप को भी ले सकते है सोन, तांबा , पीतल , मिटी का हो सकता है लोहे का कलश पूजा में वर्जित होता है लोहे का कलश आप को नहीं रखना है।  कलश में रैली बांध ली जिए और स्वस्तिक लिख दीजिए।  और इसके बाद कलश में जल , गागा जल दाल दीजिए ॐ वरुणिक नमः यह कहते हुए उसे पूरा भर दीजिए आम के पलव लगाइये।  आप के पल्व उपलब्ध न होतो , पीपल , बरगत , पुलन ये भी आप दाल सकते है आप कलश में।  और फर कच्चा चावल कटोरी में भरकर या गेहू बरकार कलश के ऊपर रख देना चाहिए।  उसके बाद चुनी से लिपटा हुआ नारियाल रख देना चाइये।  उतर भाग में नवगृह बनाइए।  अपने हाथ हल्दी , तिलसि , अक्षत और पुष्प रखकर सकल्प करे की माँ आज मैं नवरात्र की प्रतिपरता से आपकी आराधना कर रही हु।  अगर कोई मनो कामना है तो वो भी बोल सकते है मेरी पूजा आप स्वीकार कीजिए।  मेरे इष्टकारी को को सम्पन करो माँ।  इस प्रकार से आप को दक्षिण और पूर्व की तरफ घी का दिया जलाते हुए। सारी सामग्री आप को माँ के सामने चरनी है।

आप के घर लड़ाई झगड़ा खूब होता है तो आप यह बोलिये ” या देवी ! सर्व भूतेषु शान्ति रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ” नो दिन आप रोज 11 माला का जाप कीजिए वार्ना कमसे काम तीन माला का जप आप को नियमित रूप से करना है जिन लोगो पर कर्जा चड़ गया है भरी वो काज मुकति का प्रयास कर सहे है।  तो वह ” या देवी ! सर्व भूतेषु शान्ति रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ” इस मात्र का आप को 11 माला का आप को नियमित जप करे।  इसमें 11 माला करना ही है इसमें कोई कमी नहीं हो सकती।  जिन युवको का विवाह नहीं हो रहा है उनको करना चाइये ” पत्नी मनिरमा देहि ! मनो वर्तानु रारिणीम।  तरिणीम दुर्ग संसार सागरस्य कुलोद्वं। ” इसका जप करके ज्यादा से ज्यादा पांच मालाओ का नियमित रूप से जप करना है।  और रोज हल्दी के जल से नो दिन स्नान करना है इस उपाए से भी आप मनो कुल जीवन साथी   और जिन लडकियो की शाधि   नहीं  हो रही रही है “ॐ कात्यायनि महामाये महयोगिन्य धी श्वरी। नन्द गोपसुत देवी पति में कुरु ते नमः। ” इस मत्र जा जप करना चाहिए ऐसे मोनोवंचिक जीवन साथी मिलता है।  अगर आप अधिक प्राप्त करना चाहते है पति दिन आप को प्रति दिन हवन कर वन चाहिए।  इससे आप को आर्थिक पक्ष मजबूत होता है।  देखा जाए तो इसमें प्रकर्ति की पूजा हो टी है।  और हिन्दुओ में पेड़ पोधो की पूजा तो होती ही है।  प्रकर्ति के सरे तेवो की पूजा होती है।

बरगत के पेड़ में नवरात्रि के समय आप जल मात्र ही देदेती है तो आप को बहुत अधिक पुण्य प्राप्त होता है। जिस प्रकार पीपल को विष्णु जी का अवतार मन जाता है उसी प्रकार बरगत को शिव जी का अवतार माना गया जाता है।  सर्जन का प्रतिक मन जाता है।  बरगत के पेड़ का लाते मात्र अपने घर में लगाने से धन की प्राप्ति हो सकती है।

नवरात्र में किस प्रकर से जब हर मनुष्य की इच्छे बड़ी हो गई है चातकरी रूप से कैसे पूरी हो सकती है।  खासकर प्रतिपरता हो , नवमी हो , नवरात्र में किसी भी दिन सूत्र,फाल , जाल लेकर बरगत के पेड़ के पास जाना है और वह घी का दीपक जलना है और वृक्ष के जड़ो में जल डालिये , पुष्प अर्पित कीजिए।  और बरगत के वृक्ष की नो बार प्रकिमा करे पीला सूत्र उसके तने में लपेटते रहना है।  फर आप को अपनी मनो कामना करनी चाहिए।

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नवरात्री में माता को कैसे खुश रखना है ! महत्वपूण बाते   नवरात्र का पवन पर्व , महाशक्ति माँ को मानाने…

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