साबूदाना से होने वाले फायदे

 

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साबूदाना से होने वाले फायदे

इसे आप शारदीय नवरात्र 2020 में भी बना के खा सकते है

साबूदाना कसावा पौधे से बना एक चिपचिपा प्रदार्थ है। इस पौधे का उपयोग करने वाला हिस्सा इसकी जड़ है, इसकी खेती पुरे विश्व में की जाती है। इसकी खेती सबसे पहले दक्षिण अमेरिका में हुई, और अभी भी इसे उत्तर पूर्व ब्राज़ील में कासवा के रूप में ही जाना जाता है, पर अब इसे दुनिया भर में अलग-अलग नाम जैसे सागू या अन्य नामों से जाना जाता है। इसकी जड़ लगभग 1 से 2 किलो की होती है और यह भूरे रंग का होती है। इसके गुदे का रंग सफ़ेद होता है व कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है।

टैपिओका स्पर्ज” (एक प्रकार का रसदार पौधा) मन जाता है। यह “यूफोर्बियासी” परिवार का सदस्य है है और इसका वैज्ञानिक नाम मनिहोट एस्कलेंटा है।

भारत में साबूदाने का इस्तेमाल अधिकतर पापड़, खीरे और खिचड़ी बनाने के लिए किया जाता है। सुप और अन्य चीज़ों को गाढ़ा बनाने के लिए भी इसका इस्तेमाल होता है।

टैपिओका को पुरे विश्व में मज़े से खाया जाता है, साबूदाना कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज और कार्बनिक यौगिकों एक आवश्यक सोर्स है। इसमें संतृप्त वसा, कोलेस्ट्रोल और सोडियम बहुत काम मात्रा में पाया जाता है। यह प्रोटीन और आहार फायबर का एक समृद्ध स्त्रोत है और इसके अलावा, टपिओका में कुछ विटामिन-B काम्प्लेक्स भी शामिल है।  इसके एक कप से रोज़ाना आवश्यकता का लगभग 45% कार्ब्स प्राप्त कर सकते हैं।

साबूदाना से होने वाले फायदे –

 

साबूदाना से एनर्जी

कार्बोहाइड्रेट है हमारी ऊर्जा का स्त्रोत, क्योंकि सुक्रोज जैसी सरल शर्करा को प्रयोग करने योग्य ऊर्जा में विभाजित किया जाता है। जबकि संतृप्त, और वसा जैसी चीजे ऊर्जा से छुटकारा पाती है, इतने सरे प्रदार्थ जो हमें वजन बढ़ने में मदद करते है। ऊर्जा को बढ़ावा नहीं देते। टपिओका में अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, गुड कोलेस्ट्रॉल और संतृप्त वासा बिना के होता है। इसलिए इससे उर्जा का स्तर बढ़ेगा तथा आप भूक को जल्दी महसूस नहीं करेंगे।

साबूदाना से पाचन को दुरुस्त करें

साबूदाना में फाइबर के गुण होते है, फायबर मानव शरीर में घुसकर कई स्थितियों में सुधार लाता है। फायबर,  टट्टी में बल्क जोड़ता है जो जिससे मल को पाचन तंत्र के मध्य से पारित करने में मदद करता है, जिससे कब्ज़, सूजन, आँतों का दर्द और कोलोरेक्टल कैंसर जैसी अधिक गंभीर स्तिथियों को नष्ट करने में मदद मिलती है। इसके अलावा फाइबर धमनियों और रक्त वाहिकाओं की दीवारों पर अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को स्क्रैप करके ह्रदय स्वस्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करता है एथेरोस्क्लेरोसिस को ख़तम करने और दिल के दौड़े और स्ट्रोक से सम्बंधित समस्याओँ को समाप्त करने में मदद करता है।

साबूदाने से हड्डियों बनायें मजबूत

टैपिओका विटामिन K, कैल्शियम, और आयरन का एक समृद्ध स्त्रोत है, जो सभी हड्डियों के संरक्षण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ अस्थि खनिज घनत्व कम हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप ऑस्टियोपोरोसिस, सामान्य कमजोरी और लचीलापन की कमी जैसी स्तिथि होती है। टैपिओका नियमित रूप से लिया जाये तो यह हमारी हड्डियों को संरक्षित और विकसित कर सकता है।

साबूदाना प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है

प्रोटीन मानव स्वास्थ्य के लिए है अच्छा स्त्रोत है, जबकि कई लोग मीट, मछली, मुर्गी, और डेयरी उत्पादों में भरोसा रखते है, कई लोग उनका सेवन करते है। लेकिन अन्य स्त्रोतों के बीच, शाकाहारी हमेशा स्वस्थ और प्रोटीन से भरपूर रहने के तरिके तलाश करते रहते है। आपको शायद ही पता होगा प्रोटीन एक एक स्वस्थ जीवन का बिल्डिंग ब्लॉक है। इसलिए, टैपिओका शाकाहारियों के लिए एक बढ़िया विकल्प है क्योंकि यह पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन प्रदान करता है। इसलिए इससे शारीरिक प्रक्रिया, मांसपेशियों के विकास, ग्रोथ, उपचार और अन्य आवश्यक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रह सकती है, अगर आपके आहार के साथ टैपिओका शामिल किया जाए।

साबूदाना से वजन बढ़एँ

ज्यादा तर लोगो को फिट या पतला रहना पसंद है, और बहुत से लोग वजन बढ़ाने के तरिके ढूढ़ते रहते है। ज्यादा कम वजन होना भी मोटापे की तरह खतरनक हो सकता है, जिसके लिए एक टैपिओका स्वस्थ तरीका है जल्दी वजन बढ़ाने का। इसके उच्च और कार्बोहाइड्रेट सामग्री है (एक कप टैपिओका रोज़ाना की कार्बोहाइड्रेट की आवश्यकता का 45%) का मतलब है की आप अस्थिर कोलेस्ट्रॉल या संतृप्त वासा के बिना अपने आहार में बल्क और कैलोरी को जोड़ सकते है। इनमें से अधिकांश कार्बोहाइड्रेट सुक्रोज़ के रूप में आते है। टैपिओका ऐसे कई लोगो के लिए एक आदर्श विकल्प है, जिन्हे वजन अधिक करने की आवश्यकता होती है, खासकर बीमारी, चोट, सर्जरी या ईटिंग डिसऑर्डर के बाद।

साबूदाना खाने से होगा मानसिक विकास

विटामिन K के गुण हमारे मानसिक स्वास्थ्य ले लिए भी महत्वपूर्ण है। यह देखा गया है की विटामिन K मस्तिष्क में न्यूरोनल गतिविधियां उत्तेजित करके अल्ज़ाइमर रोग विकसित होने की संभावनाओं को काम कर सकता है।  गतिविधि या मानसिक स्थिरता की कमी के कारण अल्ज़ाइमर अक्सर होता है, विटामिन K तंत्रिका पथ को सक्रीय और व्यस्त रखता है और मुक्त कणों से मुक्त रखता है जो मस्तिष्क के ऊतकों के टूटने का कारण बन सकते हैं।

साबूदाना के गुण से ब्लड सर्क्युलेशन  में मदद मिलती है

साबूदाना के सबसे मूल्यवान खनिजों में से एक है आयरन। मानव शरीर के सामान्य कार्यो के लिए आयरन आवश्यक होता है और इसकी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका नई लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में होती है। आयरन कॉपर के साथ मिलकर शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की मात्रा को बढ़ता है, जिससे एनीमिया और उससे सम्बन्धित स्थितियों को रोका जाता है।

साबूदाना खाने से उच्च रक्तचाप नियंत्रण करें

टैपिओका में पोटेशियम भी शामिल है, जो एक अन्य आवश्यक खनिज है जिसे मानव शरीर की आवश्यकता होती है। पोटेशियम एक वैसोसिलेटर है, जिसका अर्थ है की यह रक्त वाहिकाओं और धमनियों के तनाव और चिंता को काम करता है। इससे रक्त के प्रवाह को  शरीर में बढ़ाया जा सकता है, जिससे कार्डियोवैस्कुलर  सिस्टम पर तनाव कम हो सकता है। इसका अर्थ है। एथोरोस्क्लेरोसिस में कमी और खून के थक्के जमने की संभावना होती है। इसके अलावा, पोटेशियम शरीर में द्रव संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है और यह चयापचय दक्षता और ऊर्जा को बढ़ा सकता है। इसलिए जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है साबूदाने का सेवन उनके लिए उचित है।

 

गर्भवती महिलाओं के लिए साबूदाना है लाभदायक

जन्मदोष से पैदा हुए बच्चे माता-पिता के लिए दर्दनाक हो सकते है, इसलिए यदि संभव हो तो इसे रोकना जरुरी है। टैपिओका में B-काम्प्लेक्स विटामिन की एक महत्वपूर्ण मात्रा है, जिसमें एक फोलिक एसिड शामिल है, जो की शिशुओं में न्यूरल ट्यूब दोषों की संभावना को कम करने के लिए सीधा जुड़ा हुआ है। पैदा होने वाले बच्चे की अच्छी सेहत के लिए साबूदाना एक कारगर दवाई है। यदि गर्भवती महिला साबूदाने का उपयोग करे तो इससे बच्चा हष्ट-पुष्ट पैदा होता है।

साबूदाने से होने वाले नुकसान

विभिन्न रूपों में टैपिओका खाने के कई फायदे होने के बावजूद, यह याद रखना महत्वपूर्ण है की कसावा बहुत जहरीला भी हो सकता है यदि यह सही से पकाया न गया हो तो।

कसावा साइनाइड पैदा करता है, जो मनुष्य के लिए एक अत्यंत जहरीला कंपाउंड है। इसलिए आप एक दुकान से साबूदाना खरीदते है तो वह पूरी तरह स्वस्थ होता है। इसके अलावा, टैपिओका में बहुत अधिक कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी सामग्री होती है, यदि आप अपना वजन कम रखने की कोशिश कर रहे है तो यह आपके आहार में शामिल करने के लिए सबसे अच्छा भोजन नहीं होगा।

 

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