वैष्णो देवी यात्रा 2021

वैष्णो देवी यात्रा 2021

आप सभी लोगो ने तो माता वैष्णो देवी मंदिर के बारे में तो जरूर सुना होगा जो जम्मू में स्थित है अगर आप जाना चाहते है य जाने का प्लान बना रहे है विष्णो देवी के मंदिर हम कैसे जा सकते है कौन -कौन से साधन है वह पे जाने के ट्रैन से   एरोप्लेन से बस जा सकते है कैसे जाना है  आप जम्मू कटड़ा पे ही आपको उतर न पड़ेगा दिल्ली से काफी ट्रेने चलती है डारेक्ट कटरा य जम्मू के लिए और अगर आप जम्मू तक भी आते है तो जम्मू से हर आधे घंटे

में बस चलती रहती है  तो यहाँ से आपको कटरा पहुंचने में कोई ज्यादा परेशानी नहीं होगी अगर आप बस से आ रहे हे तो सबसे पहले आपको उतरना होगा जम्मू और बहार से आपको कटरा के लिए आपको कई सारी बसे मिल जायगी तो अगर आप एरोप्लेन से आप आना चाहते हे तो आप जम्मू तक आप आ सकते है इसके बहार आपको बस य टेक्सी मिल जायगी कटरा तक सबसे अच्छा साधन रहेगा ट्रैन का य आपको डारेक्ट कटरा के लिए मिल जायगी ट्रैन से बड़ी आसानी से आप कटरा पहुंच सकते है कटरा पहुंचने के आप क्या करे यदि आप शायम को पहुंचते हे य रात को पहुंचते है तो आप यही आराम कर ले यहाँ पर आप दो तरीके से रुक सकते है प्राइवेट होटल लेकर य फिर कोई रूम में रहकर आप आराम कर सकते है बहार कोई होटल हे तो आप वह ऑनलाइन बुकिंग से भी आप रक सकते है हर तरीके मिल जायेंगे जिसका रेंट 400 से लेके 1000 रुपय तक का है

कटरा के खाना खाना हो तो वह पर कई सरे रेस्टूडेन्ट हे वह पर भी जाके आप खाना खा सकते हो वे खाने की थाली 80 से 100 रुपय  में मिल  जायगी वहा से आप रात को आराम करने के बाद सुबह आप निकल पड़े वैष्णो देवी के मंदिर पर यात्रा करने से पहले आपको एक पर्ची मिलेगी कटरा बस स्टेण्ड के पास ही आपको मिल जायगी। ये पर्ची लेनी होती हे बहुत जरुरी इससे आप वैष्णो देवी मंदिर को घूम पाएंगे और वहा कैसे जा सकते है उसे भवन कहा जाता हे और हमको वही तक जाना है और रस्ते में पड़ती है अधव कुवारी अब भवन में जाने के लिए दो रस्ते है एक बाणगंगा मार्ग दूसरा तरकोट मार्ग सबसे पहले हम बात करते है  बाणगंगा मार्ग कटरा से बाणगंगा मार्ग जाने तक आप ऑटो से जा सकते है कटरा तक ऑटो चलते है तो आप वह से आप ऑटो से आ सकते है बाणगंगा मार्ग से जो भवन की दुरी है वो 12 किलोमीटर की दुरी पर है तो यहाँ बाणगंगा मार्ग की दुरी हे वो आप पैदल भी कर सकते है और घोड़ो से भी कर सकते है और टोली से कर सकते है अगर आप पैदल यात्रा करना चाहते है इस रस्ते  जाते तो आपको काफी ज्यादा परेशानी होगी क्योंकि यहाँ पे घोड़े कचर भी चलते रहते है और अगर आप ताराकोट वाले रस्ते से जाना चाहते है तो रास्ता 14 किलोमीटर का है लेकिन ये रास्ता पैदल यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा रास्ता है। क्योंकि यहाँ सिर्फ पेदली रास्ते ही चलते है पैदल चलने के लिए आप ताराकोट वाले रास्ते से ही जाए। वापसी आप बाणगंगा वाले रास्ते से ही आये माता के जो चरण पादुका है

उनके भी आप दर्शन कर सके और रास्ते में बाणगंगा में नहाने से शुभ माना जाता है आते आते आप बाणगंगा में भी नहा सके। अगर आप बाणगंगा के रास्ते से जा रहे है तो घोड़ो का जो किराया है वो 1200 रुपय एक तरफ का है। और टोली का किराया लगभग 3200 रुपय रहेगा अब चलते है अद्धकुंवारी तक में किसी भी रास्ते से जा सकते है। अद्धकुंवारी  क्योंकि दोनों ही रास्ते अद्धकुंवारी तक होते हुए जाते है। आप दोनों में से किसी भी रास्ते से जाते है तो रास्ते में आपको लंगर चाय पानी की सारी सुविधा आपको दी जायगी इसके आलावा पानी की टंकिया टॉयलेट हर चीज की सुविधा है पूरी यात्रा करने में 7 से 8 घंटे का समय लगता है यहाँ पर एक गुफा है जो बहुत ही संकिड है इसलिए यहाँ दशनो  लिए भीड़ लग जाती है और यहाँ से दर्शन करने में 4 से 6 घंटे  लग जाते हे

13 अप्रैल दिन मंगलवार से चैत्र नवरात्रि आरंभ होने जा रही हैं. कोरोना महामारी के चलते वैष्णो देवी के द्वार खोल दिए गए हैं. कटरा स्थित श्री माता वैष्णो नवरात्रों की व्यवस्था की समीक्षा की थी. कोई भी वह यात्रा करने जाता है तो बहुत ही अच्छा लगता है

https://sunstarup.com/navaraatree-mein-maata-ko-kaise-khush-rakhana-hai-mahatvapoon-baate/

https://www.maavaishnodevi.org/OnlineServices/login.aspx

 

वैष्णो देवी यात्रा 2021 आप सभी लोगो ने तो माता वैष्णो देवी मंदिर के बारे में तो जरूर सुना होगा जो…

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