Coal Crisis 2021:-कोयला की कमी कारण के देश में गहराया  बिजली संकट, कुछ राज्यों में शुरू हुई कटौती।

Coal Crisis 2021:-कोयला की कमी कारण के देश में गहराया  बिजली संकट, कुछ राज्यों में शुरू हुई कटौती।

 

कोयला की कमी से बिजली संकट में :- भारत में बिजली  संकंट गहराता जा रहा है कोयले के Stock  कमी के कारण पिछले सात दिनों में  उतर प्रदेश से लेकर राजस्थान और केरल तक में बिजली कटौती हुई वहीं वहीं राजस्थान में शहरी क्षेत्रों में 2 घंटे और ग्रमीण क्षेत्रों में 4  घंटे तक बिजली कटौती की गयी। राजस्थान को कोल इण्डिया लिमिटेड से अपने अनुबंधित कोयला बहुत कम  कम मात्रा प्राप्त हो रही है सरकारी आकंड़ो के मुताबिक पंजाब और झारखंड समेत अन्य राज्यों में भी बिजली की समस्या  देखने को मिली।

class="aligncenter" src="https://hindi.goodreturns.in/img/2021/10/electricitycrisis11-1634022324.jpg" alt="Coal Crisis : और गहराया संकट, कुछ राज्यों में शुरू हुई बिजली कटौती | Coal Crisis deepens power cuts started in some states - Hindi Goodreturns" />

महारष्ट्र की समस्या

महारष्ट्र में शुक्रवार को 11 गीगावाट बिजली की कमी रही कोयले की कमी सहित कई अन्य कारणों से राज्य में बिजली आपूर्ति बाधित हुई 11 गीगावाट राज्य की बिजली सप्लाई का 35 % है कोयले की कमी जिससे भारत में लगभग 70 % बिजली बनती है जनरेट और कुछ ओधोगिक उपयोगकर्ताओं को बिजली एक्सचेंज में बिजली खरीदने के लिए मजबूर कर रही है।

कितनी पहुंची बिजली की कीमत

इंडियन एनर्जी एक्सचेंज लिमिटेट पर बिजली की हाजिर कीमतें पिछले 2  week  में तीन गुना से अधिक हो गई है जो सोमवार को 16.42 रूपये प्रति किलोवाट घंटे तक पहुँच गई है कंपनी के मुताबिक यह 12 साल में सबसे ज्यादा है बता दे की इस समय अधिक बड़े स्तर पर ब्लैकआउट की आशंका है जिससे आर्थिक ग्रोथ को नुकसान पहुँच सकता है और अस्पतालों और स्कूलों सहित सोशल इंफ्रस्ट्रक्चर बेकार हो सकते है।

Today Gold Price in India 13-10-2021

एल्युमिनियम स्मेलटर और स्टील मिल्स के लिए परेशानी

बिजली सयंत्रो को कोयला आपूर्ति में प्रथमिकता दी जा रही है ताकि बिजली कटौती से बचा जा सके मगर एल्युमिनियम स्मेलटर और स्टील मिलो सहित अन्य कोयला उपभोताओं के पास उत्पादन कम करने या ईंधन के लिए अधिक भुगतान करने के दो विकल्प रह गए है इधर दिल्ली केCM  अरविन्द केजरीवाल ने पिछले  शनिवार को एक टवीट कर राजधानी में संभवित बिजली संकट की चेतावनी दी थी।

बिजली संकट कई महीनों से चल रहा है इसकी कई वजह है पहली वजह है कोरोना की दूसरी लहर के बाद अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटी इससे बिजली की मांग तेजी से बढ़ी अगस्त-सितम्बर 2019 के मुकाबले इस साल के समान महीनों में बिजली की मांग 17 फीसदी बढ़ी दूसरी तरफ ग्लोबल लेवल पर कोयला 40 फीसदी महंगा हुआ तीसरा भारत के कोयला आयात में कमी आई भारत में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कोयला भंडार है मगर फिर भी भारत कोयला आयात के मामले में दूसरे नंबर पर है।

कोल इंडिया का उत्पादन

कोल इंडिया लिमिटेड ने कहा की पिछले चार दिनों में इसका उत्पादन बढ़ कर 15 लाख टन प्रतिदिन हो गया है जो सितंबर के अंत में 14 लाख टन था एक रिपोर्ट के अनुसार कम्पनी को बिजली उत्पादकों को प्रतिदिन लगभग 16 लाख टन कोयले की आपूर्ति करने की आवश्य्कता है और एक सप्ताह के भीतर उस स्तर तक पहुंचने की उमींद है एक अधिकारी के अनुसार कुछ पॉकेट्स में दिक्कत है लेकिन स्थिति नियंत्रण में है अक्टूबर के पहले सप्ताह में बिजली की कमी बढ़ी मगर ये राष्ट्रिय स्तर पर 1 फीसदी से कम है।

Punjab State Lottery live result 13-10-2021